हम आपके दीवाने हैं

हम आपके दीवाने हैं

हम क्या हुजुर, हमारा क्या
यूँ ताे बहुत अफसाने हे
उससे जियादा हुजुर
हम आपके दीवाने हे

दूरियाँ भी हमकाे लुभाति हे
दीलसे दील जाे मिलती हे
ईश्क भी क्या चीज हे
लाजवाव तराने हे

खाेय खाेय से हे
साेय साेय से हे
बडी बात ताे यह हे
निदमे हि सहि
तुझसे जाे जुुडे हम हे

मुकम्मल सि लगति हे
खुदकाे ताे हम
फिरभि कुछ खामियाँ सि हे
मुस्कुराना भि आता हे हमे
आँखमे कुछ नमि सि हे

दर्दकाे भि सिनेमे लपेटके
दूरसे हम ताे निकले थे
कारवाँए जिन्दगी अच्छि लगी
हमसफर जाे आपसा मिलि हमे ।।

जय श्रीकृष्ण ।

-मार्शल ।
२०८२/१२/०७
(२१ मार्च २०२६)